Bahuvrihi Samas (बहुव्रीहि समास)


इस समास में कोई भी पद प्रधान न होकर अन्य पद प्रधान होता है विग्रह करने पर नया शब्द निकलता है पहला पद विशेषण नहीं होता है विग्रह करने पर समूह का बोध भी नहीं होता है

Short Hint : बहुव्रीहि समास के अंतर्गत शब्द का विग्रह करने पर नया शब्द बनता है या नया नाम सामने आता है

उदाहरण :

Bahuvrihi Samas Examples

यहाँ बहुव्रीहि समास के उदाहरण नीचे दिए गए हैं

Trinetra (त्रिनेत्र) - भगवान शिव
Veenapani (वीणापाणी) - सरस्वती
Shwetambar (श्वेताम्बर) - सरस्वती
Gajanan (गजानन) - भगवान गणेश
Girdhar (गिरधर) - भगवान श्रीकृष्ण
चक्रपाणी - चक्र को धारण करने वाला (श्रीकृष्ण)
दशानन - दस सर है जिसके (रावण)
लम्बोदर - लम्बा पेट है जिसका (गणेश)
मुरलीधर - मुरली बजाने वाला (श्रीकृष्ण)
गिरिधर - गोवर्धन पर्वत को उठाने वाला (श्रीकृष्ण)
हिंदी में समास के छ: भेद हैं और जो नीचे सूची में दिये गए हैं.
(1) अव्ययीभाव समास (Avyayibhav Samas)
(2) तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas)
(3) द्विगु समास (Dvigu Samas)
(4) द्वंद्व समास (Dvandva Samas)
(5) कर्मधारय समास (Karmadharaya Samas)
(6) बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas)

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Bahuvrihi Samas in Hindi

What is definition / paribhasha of Bahuvrihi Samas in hindi grammar? बहुव्रीहि समास Kya Hai. Learn Bahuvrihi Samas examples or udaharan with its short trick / pahachan.

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